Sleep Apnea/Snoring

खर्राटे

जब सोते हुए व्यक्ति के नाक से अपेक्षाकृत तेज आवाज निकलती है तो इसे खर्राटे लेना (snoring) कहते हैं। इसे ‘ओब्स्टृक्टिव स्लीप अप्निया’ कहा जाता है; अर्थात नींद में आपकी साँस में अवरोध उत्पन्न होता है।
खर्राटे भी कई प्रकार के होते हैं . कुछ लोगों की तो श्वांश नींद में पूरी तरह से अवरुध हो जाती है। यह एक गंभीर अवस्था है और लंबे समय में यह आपके हृदय और मस्तिस्क पर बुरा प्रभाव डालती है। इस अवस्था में नींद पूरी नहीं होती और व्यक्ति को दिन में भी थकान लगती रहती है।खर्राटे साँस अंदर लेते समय आते हैं , पुरुषों में ये समस्या सामान्य मानी जाती हैं।

खर्राटे के कारण :

खर्राटों का वैसे कोई विशेष कारण नहीं है परन्तु इसके सामान्य कारणो में नाक से लेकर श्वांश नली तक कोई भी कारण हो सकता।

कुछ लोगों को खर्राटे सर्दी के कारण व सायनस के कारण भी होती है, नाख के वायुमार्ग में रुकावट के कारण,
मोटापे के कारण खर्राटों की समस्या
ख़राब व कमजोर मांसपेशियां
धूम्रपान व शराब का सेवन करने के कारण
वृद्धावस्था के कारण भी खर्राटे आते है

खर्राटे के लक्षण :

जानते है खर्राटों के कुछ सामान्य लक्षण
सवेरे के समय सर में दर्द
दिन में ज्यादा नींद आना
गले में खराश
नींद में बेचैनी
उच्च रक्तचाप
रात में छाती में दर्द होना आदि लक्षण खर्राटे में देखे गए है

जानते हैं खर्राटों के लिए होम्योपैथिक उपचार :
खर्राटों के लिए होमियोपैथी में कुशल उपचार हैं , आप इन दवाओं का सेवन कर खर्राटों की समस्या से निजात पा सकते हैं :-
Kali Carb 200, की 2 बुँदे 10-10 मिनट के अंतर से 3-4 बार लें (अगर 15 दिन तक फायदा न हो दुबारा इसे खा सकते है )
Kali Carb 200 लेने के अगले दिन से Lemna Minor 30 की 2 बुँदे सुबह, दोपहर , शाम को लें,
इसके साथ Teucriium Marum Virum Q को आधे कप पानी में 10 बुँदे सुबह, दोपहर , शाम को लें

इन दवाओं के साथ साथ, शराब या धूम्रपान का सेवन न करें, और नियमित योग करें।

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