Ovary Cyst : Homeopathic treatment

ओवरी सिस्ट या अंडाशय में सिस्ट महिलाओं के अंडाशय में बनने वाले सिस्ट होते हैं जो बंद थैली नुमा ( Sac like) आकृति से होते हैं इनके  अंदर तरल पदार्थ भरा होता है अंडाशय महिलाओं की प्रजनन प्रणाली ( बच्चा पैदा करने )का हिस्सा होते  है ,यह गर्भाशय के दोनों तरफ पेट के निचले हिस्से में होते हैं इनकी संख्या 2 होती है जो अंडे के साथ ही साथ एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन का निर्माण करते हैं

अंडाशय सिस्ट (ओवरी सिस्ट) के तब तक कोई लक्षण या संकेत नहीं दिखते जब तक वह अधिक बड़े ना हो जाए अधिकतर ओवरी सिस्ट कैंसर का कारण नहीं होते हैं परंतु,  इसका उपचार कराना बहुत जरूरी होता है

लक्षण:

पेट में दर्द होना
पेट में सूजन होना
अपच होना
कमर का आकार बढ़ना
पेट के निचले भाग ओवरी में तेज दर्द होना
कभी-कभी उल्टी व गैस बनना
अनियमित महावारी होना
वजन घटना
ओवरी सिस्ट कई प्रकार के हो सकते हैं या तो आपको अल्ट्रासाउंड द्वारा पता चल सकता है एलोपैथिक में सिस्ट छोटी हो या बड़ी इसका एक निदान है ऑपरेशन परंतु, होमियोपैथी में आप इसे  दवाई द्वारा भी  ठीक कर सकते हैं

दवाइयां : Acid Flour 1M की दो बुँदे 4 बार 10 मिनट के अंतर से लें ( अगर सिस्ट सही नहीं होता तो आप महीने बाद इस दवा को दोबारा ले सकते हैं) इसके अगले दिन Ovarinum 6 में (ना मिले तो थी 30 पावर ) 2 बुँदे , ३ बार (सुबह, दोपहर, शाम )को  10 दिन तक लें  इसके साथCalcarea  flour 6x और Silicea 6x (धीरे-धीरे इनकी पावर 6x के बाद 12x फिर 30x  करते जाएं ) कि 4 गोली 3 बार (सुबह, दोपहर, शाम ) यदि आपकी menses रेगुलर नहीं है आती है तो आप Pulsatilla Q को पानी के साथ 15 बुँदे . तीन बार लें (सुबह दोपहर शाम) और अगर आपको इसके कारण ज्यादा ब्लीडिंग हो तो आप Thlaspi Bursa Pastoris Q की 10बुँदे   ३ से लेकर 6 बार तक ले सकते है  आपको इन दबाव से जरूर फायदा होगा

0 replies

Leave a Reply

Want to join the discussion?
Feel free to contribute!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *