Anemia

एनीमिया

जब किसी कारण से शरीर में खून की मात्रा कम हो जाती है या खून में लाल रक्तकणों की कमी हो जाती है तब रोगी के शरीर में खून की कमी हो जाती है। जब कोई रोगी इस रोग से पीड़ित होता है तो शरीर में खून की कमी के कारण चेहरा पीला या सफेद पड़ जाता है, उसका शरीर कमजोर और पतला हो जाता है, रोगी को भूख नहीं लगती, सिरदर्द रहता है, चक्कर आते हैं, दिल की धड़कन तेज हो जाती है तथा कमजोरी के कारण रोगी कोई कार्य नहीं कर पाता तथा उसे चलने-फिरने में भी कठिनाई होती है। किसी रोग आदि में शरीर से खून निकल जाने पर यह रोग हो जाता है। स्त्रियों में रक्तस्राव या मासिकधर्म के समय खून आने पर भी खून की कमी हो जाती है। यदि किसी रोगी के शरीर में खून का स्वभाविक परिमाण कम हो जाए या खून में लाल कणों की मात्रा कम हो जाए या ठीक प्रकार से शरीर में खून नहीं बन पाता है। ऐसे कारणों से शरीर में खून की कमी हो जाती है जिसे रक्त-स्वल्पता या एनीमिया कहते हैं। हीमोग्लोबीन का कार्य शरीर के विभिन्न भागों में ऑक्सीजन का पहुंचाना है। जब किसी कारण से खून में हीमोग्लोबीन की मात्रा जरूरत से अधिक कम हो जाती है तो उसे एनिमिया कहते हैं।

एनिमिया के कारण
सबसे प्रमुख कारण लौह तत्व वाली चीजों का उचित मात्रा में सेवन न करना।

* किसी भी कारण रक्त में कमी, जैसे-
-शरीर से खून निकलना (दुर्घटना, चोट, घाव आदि में अधिक खून बहना)
– शौच, उल्टी, खांसी के साथ खून का बहना।
– माहवारी में अधिक मात्रा में खून जाना।
* मलेरिया के बाद जिससे लाल रक्त करण नष्ट हो जाते हैं।
* पेट के अल्सर से खून जाना।
* पेट के कीड़ों व परजीवियों के कारण खूनी दस्त लगना।
* बार-बार गर्भ धारण करना।

एनीमिया के लक्षण
* त्वचा का सफेद दिखना।
* कमजोरी एवं बहुत अधिक थकावट।
* जीभ, नाखूनों एवं पलकों के अंदर सफेदी।
* बेहोश होना।
* चक्कर आना- विशेषकर लेटकर एवं बैठकर उठने में।
* हृदयगति का तेज होना।
* सांस फूलना।
* चेहरे एवं पैरों पर सूजन दिखाई देना।

एनीमिया होम्योपैथिक उपचार :
Bio combination-1 की 4 tablet, दिन में 3 बार साथ ही ferrum Met 3x, की 2 tablet, दिन में तीन बार
Biofungin 5ml, दिन में तीन बार बड़ों के लिए, 2.5 ml, दिन में तीन बार बच्चो के लिए
Ferrumsip, 5ml दिन में तीन बार बड़ों के लिए, 2.5 ml, दिन में तीन बार बच्चो के लिए

खून की कमी होने पर रोगी को विटामिन बी-12 युक्त आहार लेना चाहिए, हरी सब्जियां, अखरोट, किशमिश, स्ट्राबेरी, अण्डा, गेहूं, खजूर, दूध और दूध से बनी चीजें लेना चाहिए। कच्ची सब्जियों का रस, पालक, गाजर, मूली आदि का सेवन करना एनीमिया रोग में अधिक लाभकारी होता है। चाय, कॉफी, ठण्डे पेय आदि का सेवन करना हानिकारक होता है। मासिक धर्म अधिक मात्रा में आना। लौहतत्व युक्त दवाइयां लेने से उल्टी, खून मिला हुआ दस्त, थकान आदि उत्पन्न होता है। शीरा रक्तकणों को शक्तिशाली बनाता है।

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