पेप्टिक अल्सर की समस्या

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पेट का अल्सर बहुत ही दर्दनाक बीमारी है जिसमें पेट में छाले या घाव जैसा हो जाता है। वैसे तो यह बहुत खतरनाक नहीं है और समय रहते इलाज कराने पर ठीक हो जाता है, लेकिन सही समय पर उपचार न कराने से यदि अल्सर फूट जाता है तो यह बेहद खतरनाक हो सकता है। अल्सर का सही समय पर इलाज कराने के लिए उसके लक्षणों की पहचान ज़रूरी है। पेप्टिक अल्सर पेट की अंदरूनी सतह पर बनने वाले छाले होते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर ये छाले जख्म में बदल जाते हैं। इसके बाद मरीज को कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं। पेप्टिक अल्सर या गैस्ट्रिक अल्सर अमाशय या छोटी आंत के ऊपरी हिस्से में होता है। यह तब बनता है, जब भोजन पचाने वाला अम्ल अमाशय या आंत की दीवारों को नुकसान पहुंचाने लगता है। खानपान की गलत आदतों और उसके कारण बनने वाला एसिड इस बीमारी को अधिक बढ़ा देता है। आइए आपको बताते हैं कि पेप्टिक अल्सर क्या है, इसके लक्षण क्या है। कैसे हम होम्योपैथिक विधि से इसका उपचार कर सकते है।

अल्सर के कारण

समय पर खाना नहीं खाना
अधिक तेल मसाले वाला खाना
जंक फूड
पेट में एसिड का बढऩा
चाय
कॉफी का सेवन
सिगरेट व शराब का सेवन

अल्सर के लक्षण-

वजन कम होना
पेट में एसिड बनना
पेट के ऊपरी हिस्से दर्द
खून की उल्टी

होम्योपैथिक उपचार-

अगर आप भी अल्सर की समस्या से परेशान है तो आप होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। आप अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से संपर्क कर अल्सर की समस्या से छुटकारा पा सकते है। और होम्योपैथिक दवाइयों का उपयोग करें तो इन बीमारियों से बच सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप ऊपर दिये गये वीडियो को देखें।

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